About the Author
जे.के. रोलिंग हैरी पॉटर की बेहद लोकप्रिय पुस्तकों की लेखिका हैं। 1900 में एक ट्रेन यात्रा के दौरान उनके मन में हैरी पॉटर का विचार आया। इसके बाद उन्होंने सात पुस्तकों की श्रॅंखला लिखना शुरू किया। पहली पुस्तक हैरी पॉटर एंड द फ़िलॉसफ़र्स स्टोन 1997 में ब्रिटेन में प्रकाशित हुई। श्रॅंखला पूरी होने में दस साल लग गए और यह सिलसिला 2007 में हैरी पॉटर एंड द डेथली हेलोज़ के प्रकाशन के साथ ख़त्म हुआ। इस श्रॅंखला के अलावा जे.के. रोलिंग ने चैरिटी के लिए तीन अन्य सह-पुस्तकें भी लिखीं। क्विडिच थ्रू द एजेस और फ़ैंटेस्टिक बीस्ट्स एंड व्हेयर टु फ़ाइंड देम पुस्तकें कॉमिक रिलीफ़ और ल्यूमॉस की सहायता के लिए लिखी गई, जबकि द टेल्स ऑफ़ बीडल द बार्ड ल्यूमॉस की सहायता के लिए लिखी गई। उन्होंने एक मंच नाटक हैरी पॉटर एंड द कर्ल्ड चाइल्ड के लेखन में भी सहयोग किया, जिसे पटकथा पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया। बच्चों के लिए उनकी अन्य पुस्तकों में परी कथा द इकाबोग और द क्रिसमस पिग शामिल हैं, जो क्रमशः 2020 और 2021 में प्रकाशित हुई और बेस्टसेलर साबित हुई। उन्होंने वयस्कों के लिए भी पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें एक बेस्टसेलिंग क्राइम फ़िक्शन श्रॅंखला भी शामिल है। जे.के. रोलिंग को उनके लेखन के लिए कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं। वे अपने धर्मार्थ ट्रस्ट वोलंट के माध्यम से कई परोपकारी कार्यों का समर्थन करती हैं और बच्चों की चैरिटी हेतु ल्यूमॉस की संस्थापक भी हैं। जे.के. रोलिंग के बारे में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए jkrowlingstories.com पर जाएँ।
Harry Potter Aur Rahasyamayee Tehkhana (Hindi edition of Harry Potter & The Chamber of Secrets)
by J K Rowling (Author), Dr. Sudhir Dixit (Translator)
एक षड्यंत्र है, हैरी पॉटर। इस साल हॉगवर्ट्स जादूगरी और तंत्र विद्यालय में सबसे भयानक चीज़ें करने का षड्यंत्र!’ हैरी पॉटर की इस गर्मियों के दौरान उसका सबसे बुरा जन्मदिन शामिल रहा है। डॉबी नामक घरेलू जिन्न हैरी को ख़तरनाक चेतावनियाँ देता है, जबकि उसका दोस्त रॉन वीज़्ली जादुई उड़ने वाली कार में उसे डस्र्ली परिवार से बचाता है! हॉगवर्ट्स जादूगरी और तंत्र विद्यालय में अपने दूसरे साल में हैरी ख़ाली गलियारों में अजीब सी फुसफुसाहटें गूँजते हुए सुनता है – और फिर हमले शुरू हो जाते हैं। विद्यार्थी पत्थर की मूर्तियों में बदलने लगते हैं… डॉबी की भयंकर भविष्यवाणियाँ सच होती नज़र आती हैं।
Original price was: ₹599.00.₹499.00Current price is: ₹499.00.
Availability: 1 in stock
| Weight | 270 g |
|---|---|
| Dimensions | 21.25 × 15 × 2.7 cm |
| ISBN | 9788183220071 |
| Publisher | Manjul Publishing House |
| Language | Hindi |
| Pages | 314 |










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